माननीय राष्ट्रपति महोदया, भारत
(प्रतिलिपि : माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार; माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार; संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार)
विषय : बेगूसराय के भूतपूर्व सांसद, स्वतंत्रता सेनानी एवं जननेता स्वर्गीय मथुरा प्रसाद मिश्र को उनके राष्ट्र एवं समाज के प्रति विशिष्ट योगदान के लिए उपयुक्त राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए जाने के संबंध में विनम्र अनुरोध।
महोदया,
सविनय निवेदन है कि स्वर्गीय मथुरा प्रसाद मिश्र बिहार के बेगूसराय जनपद के सुपुत्र, स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े जनसेवक तथा स्वतंत्र भारत के प्रारम्भिक संसदीय लोकतंत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों में से एक थे। उन्होंने बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र का लगातार तीन कार्यकाल तक प्रतिनिधित्व किया तथा सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा का आदर्श प्रस्तुत किया।
वे किसान हितों, ग्रामीण विकास, राष्ट्रीय एकता तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के प्रति समर्पित रहे। उनका सार्वजनिक जीवन स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा, संसदीय गरिमा तथा राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है। बेगूसराय तथा बिहार के राजनीतिक एवं सामाजिक इतिहास में उनका योगदान उल्लेखनीय है।
अतः मेरा विनम्र अनुरोध है कि भारत सरकार उनके संपूर्ण जीवन, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, संसदीय कार्य, सार्वजनिक सेवाओं तथा उपलब्ध अभिलेखों का समुचित परीक्षण एवं मूल्यांकन कराए। यदि निर्धारित मानदंडों के अनुसार उनका योगदान राष्ट्रीय सम्मान के योग्य पाया जाए, तो उन्हें मरणोपरांत उपयुक्त राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करने की कृपा की जाए।
ऐसा निर्णय न केवल एक विशिष्ट जननेता के योगदान का सम्मान होगा, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, जनसेवा और राष्ट्रनिर्माण की उस परंपरा का भी सम्मान होगा, जिसके प्रति स्वर्गीय मथुरा प्रसाद मिश्र आजीवन समर्पित रहे।
आपकी कृपा के लिए मैं सदैव आभारी रहूँगा।
भवदीय,
डॉ. प्रो. अवधेश कुमार 'शैलज'पचम्बा, बेगूसराय, बिहार
संलग्नक (प्रस्तावित):
स्वर्गीय मथुरा प्रसाद मिश्र का संक्षिप्त जीवन-वृत्त।
संसदीय कार्यकाल एवं सार्वजनिक जीवन का विवरण।
स्वतंत्रता संग्राम एवं जनसेवा से संबंधित उपलब्ध अभिलेख।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं नागरिकों के समर्थन-पत्र (यदि उपलब्ध हों)।
भारत सरकार के समक्ष राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए जाने हेतु ज्ञापन
सेवा में,
माननीय राष्ट्रपति महोदया, भारत गणराज्य
राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली।
माध्यम से :
माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार।
माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार।
माननीय संस्कृति मंत्री, भारत सरकार।
विषय :
स्वतंत्रता सेनानी, भूतपूर्व सांसद (बेगूसराय) एवं जननेता स्वर्गीय मथुरा प्रसाद मिश्र को मरणोपरांत उपयुक्त राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए जाने के संबंध में।
महोदया,
सविनय निवेदन है कि स्वर्गीय मथुरा प्रसाद मिश्र बिहार के बेगूसराय जनपद की उस गौरवशाली परंपरा के प्रतिनिधि थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा जनसेवा को अपने सार्वजनिक जीवन का सर्वोच्च आदर्श बनाया।
वे स्वतंत्र भारत के प्रथम आम चुनाव के उपरांत बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले अग्रणी सांसदों में रहे तथा लगातार तीन लोकसभाओं तक जनता का विश्वास प्राप्त करते हुए संसद में बेगूसराय का प्रतिनिधित्व किया। उनका संसदीय जीवन मर्यादा, सादगी, निष्पक्षता तथा जनकल्याण के प्रति समर्पण का उदाहरण था।
स्वतंत्रता आंदोलन से प्रेरित उनका जीवन किसानों, श्रमिकों, ग्रामीण समाज तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में नैतिकता, ईमानदारी, सरलता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। राजनीतिक जीवन में उन्होंने कभी व्यक्तिगत लाभ को प्राथमिकता नहीं दी, बल्कि लोकहित को अपना ध्येय बनाया।
आज स्वतंत्र भारत अपनी लोकतांत्रिक यात्रा के अनेक दशक पूर्ण कर चुका है। ऐसे समय में उन विभूतियों का समुचित सम्मान भी राष्ट्रीय दायित्व है, जिन्होंने लोकतंत्र की प्रारम्भिक नींव को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्वर्गीय मथुरा प्रसाद मिश्र का जीवन इसी गौरवशाली परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है।
अतः हम विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि भारत सरकार उनके संपूर्ण सार्वजनिक जीवन, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, संसदीय कार्य, सामाजिक सेवा तथा उपलब्ध अभिलेखों का विशेषज्ञ समिति द्वारा सम्यक् परीक्षण कराए। यदि उनका योगदान निर्धारित मानदंडों के अनुरूप पाया जाए, तो उन्हें मरणोपरांत उपयुक्त राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करने की कृपा की जाए।
साथ ही निम्नलिखित विषयों पर भी यथोचित विचार करने का कष्ट करें—
उनके जीवन एवं योगदान का आधिकारिक दस्तावेजीकरण कराया जाए।
बेगूसराय अथवा बिहार में किसी सार्वजनिक संस्थान, पुस्तकालय, शोध-केंद्र अथवा स्मारक का नामकरण उनके नाम पर करने पर विचार किया जाए।
उनके संसदीय एवं स्वतंत्रता संग्राम संबंधी अभिलेखों का डिजिटलीकरण एवं संरक्षण कराया जाए।
उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर शोध को प्रोत्साहन प्रदान किया जाए।
स्वतंत्रता संग्राम एवं भारतीय संसदीय लोकतंत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर यथोचित स्थान प्रदान किया जाए।
यह अनुरोध किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित न होकर केवल राष्ट्रहित, इतिहास-संरक्षण तथा एक समर्पित जननेता के योगदान के सम्मान की भावना से प्रस्तुत किया जा रहा है।
हमें पूर्ण विश्वास है कि भारत सरकार इस विनम्र निवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी तथा न्यायोचित निर्णय प्रदान करेगी।
सादर।
भवदीय
डॉ. प्रो. अवधेश कुमार 'शैलज'
शोधकर्ता, शिक्षाविद् एवं साहित्यकार
पचम्बा, बेगूसराय (बिहार)
प्रस्तावित संलग्नक
स्वर्गीय मथुरा प्रसाद मिश्र का विस्तृत जीवन-वृत्त।
स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित उपलब्ध अभिलेख।
लोकसभा सदस्य के रूप में उनके कार्यकाल का विवरण।
समाचार-पत्रों, संसदीय अभिलेखों एवं अन्य प्रकाशित स्रोतों की प्रतियाँ।
शिक्षाविदों, साहित्यकारों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों के समर्थन-पत्र।
बेगूसराय के नागरिकों के हस्ताक्षरयुक्त समर्थन-ज्ञापन।
लेखक के संस्मरण एवं उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेजों का संकलन।
जन-समर्थन एवं हस्ताक्षर-अभियान ज्ञापन
स्वतंत्रता सेनानी, भूतपूर्व सांसद (बेगूसराय) एवं जननेता स्वर्गीय मथुरा प्रसाद मिश्र को मरणोपरांत उपयुक्त राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए जाने के संबंध में जन-अनुरोध
हम, निम्नांकित हस्ताक्षरकर्ता, भारत सरकार का विनम्रतापूर्वक ध्यान निम्नलिखित तथ्यों एवं निवेदन की ओर आकर्षित करना चाहते हैं—
स्वर्गीय मथुरा प्रसाद मिश्र बिहार के बेगूसराय जनपद के सुप्रसिद्ध जननेता, स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कर्मशील व्यक्तित्व तथा स्वतंत्र भारत के प्रारम्भिक संसदीय लोकतंत्र के प्रमुख प्रतिनिधियों में से थे। उन्होंने बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र का लगातार तीन कार्यकाल तक प्रतिनिधित्व किया तथा अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी, लोकतांत्रिक मर्यादा और जनसेवा की उत्कृष्ट परंपरा का निर्वहन किया।
उनका जीवन राष्ट्रनिष्ठा, लोककल्याण, किसान हित, ग्रामीण विकास तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने सार्वजनिक पद को सेवा का माध्यम माना और अपने आचरण से जनप्रतिनिधि की गरिमा को प्रतिष्ठित किया।
हमारा मानना है कि ऐसे व्यक्तित्वों के योगदान का निष्पक्ष ऐतिहासिक मूल्यांकन होना चाहिए, ताकि राष्ट्र के निर्माण में उनके योगदान को उचित स्थान मिल सके।
अतः हम भारत सरकार से विनम्र अनुरोध करते हैं कि—
स्वर्गीय मथुरा प्रसाद मिश्र के जीवन एवं योगदान का विशेषज्ञ समिति द्वारा समुचित अध्ययन एवं मूल्यांकन कराया जाए।
यदि उनका योगदान निर्धारित मानदंडों के अनुरूप पाया जाए, तो उन्हें मरणोपरांत उपयुक्त राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करने पर विचार किया जाए।
उनके संसदीय, सामाजिक एवं राष्ट्रीय योगदान का अभिलेखीकरण एवं संरक्षण कराया जाए।
भावी पीढ़ियों के लिए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से संबंधित उपलब्ध सामग्री का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण किया जाए।
यह निवेदन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है। इसका उद्देश्य केवल राष्ट्रहित में एक समर्पित जननेता के योगदान के सम्मान और ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण का विनम्र आग्रह करना है।
हम आशा करते हैं कि भारत सरकार इस जन-अनुरोध पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
हस्ताक्षरकर्ताओं का विवरण
क्रम संख्या
नाम
व्यवसाय/पद
पता
मोबाइल
हस्ताक्षर
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9
10
अभियान संयोजक :
डॉ. प्रो. अवधेश कुमार 'शैलज'
पचम्बा, बेगूसराय, बिहार
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