स्वर्गीय मथुरा प्रसाद मिश्र
(बेगूसराय के प्रथम सांसद, स्वतंत्रता सेनानी एवं किसान नेता)
परिशिष्ट–1
जीवन-कालक्रम (Chronology)
1918 — पचम्बा, बेगूसराय (तत्कालीन मुंगेर जिला) में जन्म।
प्रारम्भिक शिक्षा — ग्राम एवं उच्च शिक्षा हेतु पटना प्रस्थान।
बी. एन. कॉलेज, पटना — उच्च शिक्षा।
पटना कॉलेज — अध्ययन एवं राष्ट्रीय चेतना का विकास।
1942 — भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदारी; कारावास।
1946–1948 — अखिल भारतीय फ़ॉरवर्ड ब्लॉक में संगठनात्मक दायित्व।
स्वतंत्रता-पूर्व एवं स्वतंत्रता के पश्चात — बिहार प्रांतीय किसान सभा में सक्रिय भूमिका।
1952 — स्वतंत्र भारत की प्रथम लोकसभा के लिए बेगूसराय से निर्वाचित।
1957 — द्वितीय बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित।
1962 — तृतीय बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित।
1967 — संसदीय कार्यकाल का समापन।
17 जुलाई 1987 — पुणे (महाराष्ट्र) में निधन।
परिशिष्ट–2
सार्वजनिक जीवन के प्रमुख दायित्व
स्वतंत्रता सेनानी
किसान नेता
सांसद (लोकसभा)
पत्रकार
समाजसेवी
संगठनकर्ता
जननेता
परिशिष्ट–3
प्रमुख आदर्श
राष्ट्र प्रथम
संविधान के प्रति निष्ठा
लोकतांत्रिक मर्यादा
किसान कल्याण
सामाजिक न्याय
सादगी
सत्यनिष्ठा
जनसेवा
परिशिष्ट–4
अध्ययन हेतु प्रमुख अभिलेखीय स्रोत
संसदीय स्रोत
लोकसभा कार्यवाही
लोकसभा बहस
संसदीय प्रश्न
समिति प्रतिवेदन
सांसद परिचय पुस्तिका
निर्वाचन अभिलेख
भारत निर्वाचन आयोग
चुनाव परिणाम
मतदान प्रतिशत
निर्वाचन क्षेत्र का विवरण
अभिलेखागार
राष्ट्रीय अभिलेखागार
बिहार राज्य अभिलेखागार
जिला अभिलेखागार, बेगूसराय
समाचार-पत्र
Searchlight
The Indian Nation
Aryavarta
प्रदीप
आर्यावर्त
अन्य स्थानीय समाचार-पत्र
अन्य स्रोत
पारिवारिक अभिलेख
निजी पत्राचार
समकालीन संस्मरण
मौखिक इतिहास (Oral History)
परिशिष्ट–5
भविष्य के शोध-विषय
स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका।
किसान आन्दोलन में योगदान।
पत्रकारिता एवं वैचारिक नेतृत्व।
संसदीय बहसों का विश्लेषण।
बेगूसराय के विकास में योगदान।
समकालीन नेताओं से संबंध।
लोकतांत्रिक विचारधारा।
राजनीतिक दर्शन।
सार्वजनिक प्रशासन संबंधी दृष्टिकोण।
बिहार की राजनीति में योगदान।
परिशिष्ट–6
भावी प्रकाशन की रूपरेखा
भाग–1 : जीवन एवं व्यक्तित्व
भाग–2 : स्वतंत्रता संग्राम
भाग–3 : किसान आन्दोलन
भाग–4 : संसदीय जीवन
भाग–5 : बेगूसराय का विकास
भाग–6 : भाषण एवं संसदीय प्रश्न
भाग–7 : संस्मरण
भाग–8 : पत्राचार
भाग–9 : दुर्लभ दस्तावेज
भाग–10 : छायाचित्र एवं परिशिष्ट
श्रद्धांजलि
"स्वर्गीय मथुरा प्रसाद मिश्र का जीवन इस सत्य का प्रमाण है कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता के विश्वास, जनप्रतिनिधि की सत्यनिष्ठा तथा राष्ट्रहित के प्रति समर्पण में निहित होती है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की तपस्या, किसान आन्दोलन की संवेदना तथा संसदीय लोकतंत्र की गरिमा को अपने जीवन में साकार किया। उनका जीवन बेगूसराय ही नहीं, सम्पूर्ण बिहार और भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की अमूल्य धरोहर है।"