होमियोपैथिक चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ० सैमुएल हैनीमैन और उनके बाद अन्य कई होमियोपैथिक चिकित्सकों द्वारा होमियोपैथिक औषधियों का सत्यापन किया गया जिससे होमियोपैथिक औषधियों मेटेरिया मेडिका एवं रेपेर्टरी, होमियोपैथिक औषधियों की क्रिया अवधि, शक्ति प्रयोग एवं निर्धारण और होमियोपैथिक सिद्धान्तों का निरूपण किया, जो सैकड़ों वर्षों के बाद आज की तिथि में भी पूर्व की तरह ही महत्वपूर्ण हैं और होमियोपैथिक चिकित्सकों हेतु अनुकरणीय एवं बहुत मामलों में अपेक्षित हैं।
वास्तव में होमियोपैथिक औषधियों के सत्यापन के पश्चात् चिकित्सकों और / या अध्येताओं द्वारा इनका प्रयोग नहीं, बल्कि होमियोपैथिक मेटेरिया मेडिका, आॕर्गेनन तथा रेपेर्टरी के आलोक में उपयोग किया जाना चाहिए, जो निर्दोष आरोग्य हेतु अनुकरणीय है।
डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज,
S/o स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह,
पता :- पचम्बा, बेगूसराय,
पिनकोड : 851218.