रविवार, 14 दिसंबर 2025

साधना सूत्र :-

साधना सूत्र :-

किसी भी प्रकार की साधना हेतु धर्म या आचार शास्त्रीय निर्देश है "शरीरमाद्ययम् खलु धर्म साधनम्" अर्थात् धर्म के लिये शरीर आदि (प्रथम या प्रारम्भिक) साधन है। 

किसी भी कार्य-सिद्धि हेतु कार्य-कर्त्ता ( स्वयं  कार्य-कर्त्ता और / या उनके सहयोगी ), कार्य- क्रम (कार्य का उद्देश्य एवं कार्य योजना), कार्य-स्थल (कार्य सम्पन्न करने हेतु आत्म निर्णय, गुरु प्रेरित, शास्त्र सम्मत, परिस्थिति जन्य या अन्य किसी कारण से निर्धारित स्थान), कोष (कार्य की सम्पन्नता हेतु मौद्रिक या अन्य संसाधन), कार्य-विधि (आन्तरिक, मनो-शरीरिक, भौतिक संसाधन आधारित और / या परिवेश जन्य परिस्थितियाँ), कार्य-बोध (अभ्यान्तरिक, वाह्य और / या गुरु प्रेरित या निर्देशित) एवं कर्म-संकल्प अपेक्षित है। 
(क्रमशः) 

डॉ० प्रो० अवधेश कुमार शैलज, 
S/o स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह, 
पता :- पचम्बा, बेगूसराय, 
पिनकोड : 851218.
साधना सूत्रः १.

कस्यापि प्रकारस्य आध्यात्मिक-अभ्यासस्य कृते धार्मिकः नैतिकः वा शास्त्र-निर्देशः "शरीमध्यायं खालू धर्म साधनम्" इति अर्थात् शरीरं धर्मार्थेषु प्रथमं वा प्रारम्भिकं साधनं वा भवति ।

कस्यचित् कार्यस्य सिद्ध्यर्थं कर्ता (स्वयं कर्ता तथा/वा तस्य सहचराः), कार्यस्य क्रमः (कार्यस्य प्रयोजनं योजना च), कार्यस्थानम् (आत्मनिर्णयेन, गुरुप्रेरितं, शास्त्रीयं, परिस्थितिगतं, अन्यथा वा निर्धारितं स्थानं), निधिः (कार्यस्य समाप्त्यर्थं मौद्रिकं वा अन्यं संसाधनं), कार्यविधिः (आन्तरिकः, मनोशारीरिकः, शारीरिकः संसाधन-आधारितं, तथा/वा पर्यावरणीय-स्थितयः), कार्यस्य अवगमनं (आन्तरिकं, बाह्यं, तथा/वा गुरु-प्रेरितं वा निर्देशितं वा), तथा च कार्यं कर्तुं संकल्पः आवश्यकः

(क्रमशः)

डॉ. प्रो.अवधेश कुमार शैलज,
पिता स्व० राजेन्द्र प्रसाद सिंह,
पता: पचम्बा, बेगुसराय,
पिनकोडः ८५१२१८ ।

Sadhana Sutras :-

For any kind of spiritual practice, the religious or ethical guideline is "Shariramadyam khalu dharma sadhanam," meaning that the body is the primary or initial means for practicing Dharma (righteousness).

For the successful completion of any task, the following are required: the doer (the individual performing the task and/or their collaborators), the sequence of actions (the objective and plan of the task), the workplace (the location determined by self-determination, guidance from a guru, scriptural injunctions, situational circumstances, or any other reason), resources (monetary or other resources for the completion of the task), the method of execution (internal, psycho-physical, based on physical resources, and/or environmental circumstances), understanding of the task (internal, external, and/or guided or instructed by a guru), and the resolve to perform the action.

(To be continued)

Dr. Prof. Awadhesh Kumar Shailaj,
S/o Late Rajendra Prasad Singh,
Address: Pachamba, Begusarai,
Pincode: 851218.