शनिवार, 13 दिसंबर 2025

आयुर्वेद मनोविज्ञान की परिभाषा :-

आयुर्वेद मनोविज्ञान किसी प्राणी की अनुभूति, तान्त्रिकीय संचार प्रणाली, प्रत्यक्षण, बोध, मनो-शरीरिक अवस्था, अनुवांशिक प्रभाव, संवेगात्मक स्थितियाँ, स्वाभाविक अनुक्रिया, अदृश्य प्रभाव, जैव-रासायनिक परिवर्तन एवं समायोजनात्मक व्यवहार के सम्यक् अनुकूलन, जीवन की निरन्तरता, उत्कृष्ट आत्मबोध तथा जीवन-शैली प्रदात्री विद्या और शरीर, मन एवं आत्मिक स्तर पर चिकित्सा विधान की कला और आदर्श, रचनात्मक एवं सकारात्मक विज्ञान है। 

आयुर्वेद मनोविज्ञान किसी प्राणी की अनुभूति, तान्त्रिकीय संचार प्रणाली, प्रत्यक्षण बोध, अनुवांशिक प्रभाव, संवेगात्मक स्थितियाँ, जैव-रासायनिक परिवर्तन, स्वाभाविक अनुक्रिया, अदृश्य प्रभाव, मनो-शरीरिक अवस्था, आत्मबोध, अनुकूलन प्रक्रिया, समायोजनात्मक व्यवहार के अध्ययन; सृष्टिगत समस्त पदार्थों के पारस्परिक सम्बन्ध बोध; प्रकृति और समस्त सजीव प्राणियों के स्वास्थ्य एवं आयु विज्ञान अर्थात् जीवन विस्तार, निरन्तरता बोध तथा सानन्द दीर्घायु प्रदायिनी विद्या के साथ ही शरीर, मन एवं आत्मिक चिकित्सा विधान की उत्कृष्ट कला और आदर्श, रचनात्मक एवं सकारात्मक विज्ञान है।